असलामालेकूम दोस्तो,
अब समय आ गया है कि हम प्रजातन्त्र के वास्तविक स्वरुप को सच्चाई में बदले। सम्प्रदायिकता और नफरत के अँधेरे से निकलकर रौशनी की तरफ आयें। सामाजिक आर्थिक व राजनैतिक असमानताओं को दूर करने के लिए आपसी भाईचारे के साथ आपसी इतहाद व एकता को कायम करके अपने हिंदुस्तान की नई तस्वीर बनाए।
ऐसा हिन्दुस्तान जहां आने वाली नस्लें आप पर गर्व कर सकें। जहाँ हर कोई इंसाफ और हक के साथ साँस ले सकें?
मो. रफीक चौहान(एडवोकेट)
अब समय आ गया है कि हम प्रजातन्त्र के वास्तविक स्वरुप को सच्चाई में बदले। सम्प्रदायिकता और नफरत के अँधेरे से निकलकर रौशनी की तरफ आयें। सामाजिक आर्थिक व राजनैतिक असमानताओं को दूर करने के लिए आपसी भाईचारे के साथ आपसी इतहाद व एकता को कायम करके अपने हिंदुस्तान की नई तस्वीर बनाए।
ऐसा हिन्दुस्तान जहां आने वाली नस्लें आप पर गर्व कर सकें। जहाँ हर कोई इंसाफ और हक के साथ साँस ले सकें?
मो. रफीक चौहान(एडवोकेट)
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