सच्चर
कमीशन मुसलमानोके लाया गया, मगर सच्चर कमीशन मुसलमानोके लाया गया ये बात
झूटी है, तो फिर किसलिए लाया गया? ये जानना बहुत जरुरी है, उदाहरन के त्योर
पर समजाता हु....
R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. के लोग प्रचार [आरोप] करते है की कांग्
R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. के लोग प्रचार [आरोप] करते है की कांग्
रेस
मुसलमनोका दुस्तीकरण करती है,दुस्तीकरण को मराठी में कहते है, “....लाड
पुरवले जातात”. इससे क्या होता है ? इससे जो सांप्रदायिक वृत्ति के जो लोक
है, चाहे ओ ब्राह्मण हो, क्षत्रिय हो, वैश्य हो या पिछड़े वर्गों ओ लोग जो
ब्रह्मनोके प्रभाव में आके सांप्रदायिक प्रवृत्ति हो गए हो,ऐसी भावना
रखनेवाले जो लोक है, ओ लोग समजते है की कांग्रेस मुसलमानों का दुस्तिकरण कर
रही है, इसलिए ओ कांग्रेस के विरोध में होते है, तो कांग्रेस ने सोचा
..”हमे ऐसा रिपोर्ट तयार करना चाहिए, यदि हम लोक प्रेस कोंफरंस लेते है, और
कहते है, हमने ६५ सालोमे मुसलमनोका दुस्तीकरण नहीं किया, बल्कि हमने
मुसलमनोका सत्यानाश किया, मगर ये बात हमारे मुह से कहंगे तो मुसलमानों को
मालूम हो जायेगा और सारे के सारे हमारे विरोध में खड़े हो जायेंगे”
इसलिए कांग्रेस ने प्लँन बनाया, अगर कमीशन बनाया जाये, और कमीशन ये कहे, “६५ साल के आज़ादी के इतिहास में मुसलमनो की हालत SC से बत्तर हो गयी है,” ऐसा रिपोर्ट कमीशन दे, तो कमीशन खुद ही कहेगा, “कांग्रेस ने ६५ साल के आज़ादी में मुसलमनोका दुस्तीकरण नहीं किया,मुसलमानोको SC से बत्तर बनाया” ....
जब कमीशन ऐसे कहेगा तो R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. ने जो प्रचार और आरोप किया, तो प्रचार हवा में उड़ जायेगा, कमीशन खुद ही कहेगा R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. झुटा प्रचार कर रही है, तो ओ सांप्रदायिक जो लोग है, ओ लोक R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. विरोध में आ जायेंगे, क्यूंकि कांग्रेस....R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. से ज्यादा सांप्रदायिक है.....तो हमें कांग्रेस के समर्थन में जाना चाहिए....
जब ऐसा रिपोर्ट कांग्रेसने लाया उसके पहिले , २००४ के चुनावमें १४२ सीटे कांग्रेस को मिली थी, रिपोर्ट आनेके बाद कांग्रेसको २०७ सीटे मिली. तो इससे ये प्रमाणित होता है, ये जो सच्चर कमीशन मुसलमानोंको प्रशासनमें हिस्सेदारी देनेके लिए, क्यूंकि सविधानमें कमीशन का जो एक्ट है, उसके अंतर्गत ये नहीं बनाया गया था, ये केवल समाज कल्याण मंत्रालय के Excutive Order पे बनाया गया था,...इस सभीके पीछे कांग्रेस का छोटासा मकसद था, ओ मुसलमानोंको कोई रिप्रेसेंटेशन देने वाला मामला नहीं था. मगर मुसलमानोंको आज भी लगता है,सच्चर कमीशन हमारे लिए आया था, तो सच्चर कमिशनको ओ लोगोने खड्डेमें दाल दिया, चुनावके पहले आश्वासन दिया,कमीशन लागु करेंगे, बहुमत मिला, सलमान खुर्शीद मंत्री बनाया , मंत्री बनते उसने कहा, ऐसा करना संभव नहीं है, फिर धोखा दे दिया....फिर मंत्री कह रहे है, इसके ऊपर गंभीरता से सोच रहे है, और हमें लगता है,सरकार हमारे बारे में सोच रही है,.....
इसके ऊपर मराठी एक कहावत है, “अर्ध्या हळकुंडात पिवळे होणे” ....अर्धे हळकुंड सोडा, हळकुंड लांबून पहिले तरी आमचे लोक पिवळे-पिवळे होतात.....
जय भीम,जय जिजाऊ,जय मूलनिवासी....
इसलिए कांग्रेस ने प्लँन बनाया, अगर कमीशन बनाया जाये, और कमीशन ये कहे, “६५ साल के आज़ादी के इतिहास में मुसलमनो की हालत SC से बत्तर हो गयी है,” ऐसा रिपोर्ट कमीशन दे, तो कमीशन खुद ही कहेगा, “कांग्रेस ने ६५ साल के आज़ादी में मुसलमनोका दुस्तीकरण नहीं किया,मुसलमानोको SC से बत्तर बनाया” ....
जब कमीशन ऐसे कहेगा तो R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. ने जो प्रचार और आरोप किया, तो प्रचार हवा में उड़ जायेगा, कमीशन खुद ही कहेगा R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. झुटा प्रचार कर रही है, तो ओ सांप्रदायिक जो लोग है, ओ लोक R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. विरोध में आ जायेंगे, क्यूंकि कांग्रेस....R.S.S.,विश्व हिन्दू परिषद् ,भा.ज.पा. से ज्यादा सांप्रदायिक है.....तो हमें कांग्रेस के समर्थन में जाना चाहिए....
जब ऐसा रिपोर्ट कांग्रेसने लाया उसके पहिले , २००४ के चुनावमें १४२ सीटे कांग्रेस को मिली थी, रिपोर्ट आनेके बाद कांग्रेसको २०७ सीटे मिली. तो इससे ये प्रमाणित होता है, ये जो सच्चर कमीशन मुसलमानोंको प्रशासनमें हिस्सेदारी देनेके लिए, क्यूंकि सविधानमें कमीशन का जो एक्ट है, उसके अंतर्गत ये नहीं बनाया गया था, ये केवल समाज कल्याण मंत्रालय के Excutive Order पे बनाया गया था,...इस सभीके पीछे कांग्रेस का छोटासा मकसद था, ओ मुसलमानोंको कोई रिप्रेसेंटेशन देने वाला मामला नहीं था. मगर मुसलमानोंको आज भी लगता है,सच्चर कमीशन हमारे लिए आया था, तो सच्चर कमिशनको ओ लोगोने खड्डेमें दाल दिया, चुनावके पहले आश्वासन दिया,कमीशन लागु करेंगे, बहुमत मिला, सलमान खुर्शीद मंत्री बनाया , मंत्री बनते उसने कहा, ऐसा करना संभव नहीं है, फिर धोखा दे दिया....फिर मंत्री कह रहे है, इसके ऊपर गंभीरता से सोच रहे है, और हमें लगता है,सरकार हमारे बारे में सोच रही है,.....
इसके ऊपर मराठी एक कहावत है, “अर्ध्या हळकुंडात पिवळे होणे” ....अर्धे हळकुंड सोडा, हळकुंड लांबून पहिले तरी आमचे लोक पिवळे-पिवळे होतात.....
जय भीम,जय जिजाऊ,जय मूलनिवासी....
No comments:
Post a Comment